ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 258258.50महाभारत 258.50अन्तरेण मयाज्ञप्तश्चिरकारी ह्युदारधीः यद्यद्य चिरकारी स्यात्स मां त्रायेत पातकात्पिछलाअगलापूरा अध्याय