Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 255.31

स्वयं यूपानुपादाय यजन्ते स्वाप्तदक्षिणैः
यस्तथाभावितात्मा स्यात्स गामालब्धुमर्हति

पूरा अध्याय