ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 250250.21महाभारत 250.21ततो जगाम सा कन्या कौशिकीं भरतर्षभ तत्र वायुजलाहारा चचार नियमं पुनःपिछलाअगलापूरा अध्याय