ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 2525.16महाभारत 25.16शूराश्चार्याश्च सत्कार्या विद्वांसश्च युधिष्ठिर गोमतो धनिनश्चैव परिपाल्या विशेषतःपिछलाअगलापूरा अध्याय