Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 243.7

कामबन्धनमेवैकं नान्यदस्तीह बन्धनम्
कामबन्धनमुक्तो हि ब्रह्मभूयाय कल्पते

पूरा अध्याय