ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 240240.21महाभारत 240.21यथा मत्स्योऽद्भिरन्यः सन्संप्रयुक्तौ तथैव तौ मशकोदुम्बरौ चापि संप्रयुक्तौ यथा सहपिछलाअगलापूरा अध्याय