Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 239.15

चक्षुरालोचनायैव संशयं कुरुते मनः
बुद्धिरध्यवसानाय साक्षी क्षेत्रज्ञ उच्यते

पूरा अध्याय