ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 224224.55महाभारत 224.55ऋषयस्तपसा वेदानध्यैषन्त दिवानिशम् अनादिनिधना नित्या वागुत्सृष्टा स्वयंभुवापिछलाअगलापूरा अध्याय