ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 221221.78महाभारत 221.78कृतघ्ना नास्तिकाः पापा गुरुदाराभिमर्शिनः अभक्ष्यभक्षणरता निर्मर्यादा हतत्विषःपिछलाअगलापूरा अध्याय