ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 221221.66महाभारत 221.66हावमाभरणं वेषं गतिं स्थितिमवेक्षितुम् असेवन्त भुजिष्या वै दुर्जनाचरितं विधिम्पिछलाअगलापूरा अध्याय