Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 221.62

पायसं कृसरं मांसमपूपानथ शष्कुलीः
अपाचयन्नात्मनोऽर्थे वृथामांसान्यभक्षयन्

पूरा अध्याय