ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 220220.90महाभारत 220.90सा ते न व्यथते बुद्धिरचला तत्त्वदर्शिनी ब्रुवन्न व्यथसे स त्वं वाक्यं सत्यपराक्रमपिछलाअगलापूरा अध्याय