ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 220220.19महाभारत 220.19भ्रष्टश्रीर्विभवभ्रष्टो यन्न शोचसि दुष्करम् त्रैलोक्यराज्यनाशे हि कोऽन्यो जीवितुमुत्सहेत्पिछलाअगलापूरा अध्याय