Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 219.3

बद्धः पाशैश्च्युतः स्थानाद्द्विषतां वशमागतः
श्रिया विहीनो नमुचे शोचस्याहो न शोचसि

पूरा अध्याय