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महाभारत 219.18

तत्सदः स परिषत्सभासदः; प्राप्य यो न कुरुते सभाभयम्
धर्मतत्त्वमवगाह्य बुद्धिमा;न्योऽभ्युपैति स पुमान्धुरंधरः

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