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महाभारत 219.14

ऋषींश्च देवांश्च महासुरांश्च; त्रैविद्यवृद्धांश्च वने मुनींश्च
कान्नापदो नोपनमन्ति लोके; परावरज्ञास्तु न संभ्रमन्ति

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