Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 218.37

भीष्म उवाच
एवमुक्तस्तु दैत्येन्द्रो बलिरिन्द्रेण भारत
जगाम दक्षिणामाशामुदीचीं तु पुरंदरः

पूरा अध्याय