Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 217.27

त्वमप्येवमपेक्षस्व मात्मना विस्मयं गमः
प्रभवश्च प्रभावश्च नात्मसंस्थः कदाचन

पूरा अध्याय