Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 212.33

एवं त्वक्चक्षुषी जिह्वा नासिका चैव पञ्चमी
स्पर्शे रूपे रसे गन्धे तानि चेतो मनश्च तत्

पूरा अध्याय