ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 212212.18महाभारत 212.18द्रव्यत्यागे तु कर्माणि भोगत्यागे व्रतान्यपि सुखत्यागे तपोयोगः सर्वत्यागे समापनापिछलाअगलापूरा अध्याय