ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 207207.24महाभारत 207.24ये वै शुक्रगतिं विद्युर्भूतसंकरकारिकाम् विरागा दग्धदोषास्ते नाप्नुयुर्देहसंभवम्पिछलाअगलापूरा अध्याय