ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 205205.25महाभारत 205.25शिष्य उवाच के दोषा मनसा त्यक्ताः के बुद्ध्या शिथिलीकृताः के पुनः पुनरायान्ति के मोहादफला इवपिछलाअगलापूरा अध्याय