ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 203203.4महाभारत 203.4उपासनात्प्रसन्नोऽसि यदि वै भगवन्मम संशयो मे महान्कश्चित्तन्मे व्याख्यातुमर्हसिपिछलाअगलापूरा अध्याय