ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 202202.15महाभारत 202.15ततो विष्णुर्महातेजा वाराहं रूपमाश्रितः अन्तर्भूमिं संप्रविश्य जगाम दितिजान्प्रतिपिछलाअगलापूरा अध्याय