ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 192192.9महाभारत 192.9समाप्तजप्यस्तूत्थाय शिरसा पादयोस्तथा पपात देव्या धर्मात्मा वचनं चेदमब्रवीत्पिछलाअगलापूरा अध्याय