Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 188.9

विसंचारि निरालम्बं पञ्चद्वारं चलाचलम्
पूर्वे ध्यानपथे धीरः समादध्यान्मनोऽन्तरम्

पूरा अध्याय