Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 171.39

पातालमिव दुष्पूरो मां दुःखैर्योक्तुमिच्छसि
नाहमद्य समावेष्टुं शक्यः काम पुनस्त्वया

पूरा अध्याय