ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 171171.37महाभारत 171.37मन्दलोलुपता दुःखमिति बुद्धं चिरान्मया यद्यदालम्बसे काम तत्तदेवानुरुध्यसेपिछलाअगलापूरा अध्याय