Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 170.14

धनवान्क्रोधलोभाभ्यामाविष्टो नष्टचेतनः
तिर्यगीक्षः शुष्कमुखः पापको भ्रुकुटीमुखः

पूरा अध्याय