ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 160160.48महाभारत 160.48ततो देवो महादेवः शूलपाणिर्भगाक्षिहा संप्रगृह्य तु निस्त्रिंशं कालार्कानलसंनिभम्पिछलाअगलापूरा अध्याय