ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 151151.29महाभारत 151.29वैरं न कुर्वीत नरो दुर्बुद्धिर्बुद्धिजीविना बुद्धिर्बुद्धिमतो याति तूलेष्विव हुताशनःपिछलाअगलापूरा अध्याय