ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 150150.17महाभारत 150.17तथैव मृगजातीभिरन्याभिरुपशोभसे तथा सार्थाधिवासैश्च शोभसे मेरुवद्द्रुमपिछलाअगलापूरा अध्याय