Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 15.37

न ब्रह्मचार्यधीयीत कल्याणी गौर्न दुह्यते
न कन्योद्वहनं गच्छेद्यदि दण्डो न पालयेत्

पूरा अध्याय