ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 144144.1महाभारत 144.1भीष्म उवाच ततो गते शाकुनिके कपोती प्राह दुःखिता संस्मृत्य भर्तारमथो रुदती शोकमूर्छिताअगलापूरा अध्याय