ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 142142.41महाभारत 142.41ततः सत्यप्रतिज्ञो वै स पक्षी प्रहसन्निव तमग्निं त्रिः परिक्रम्य प्रविवेश महीपतेपिछलाअगलापूरा अध्याय