ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 142142.33महाभारत 142.33दत्तमाहारमिच्छामि त्वया क्षुद्बाधते हि माम् तद्वचः स प्रतिश्रुत्य वाक्यमाह विहंगमःपिछलाअगलापूरा अध्याय