ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 137137.59महाभारत 137.59दुःखं जरा ब्रह्मदत्त दुःखमर्थविपर्ययः दुःखं चानिष्टसंवासो दुःखमिष्टवियोगजम्पिछलाअगलापूरा अध्याय