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महाभारत 137.108

भीष्म उवाच
सैवमुक्त्वा शकुनिका ब्रह्मदत्तं नराधिपम्
राजानं समनुज्ञाप्य जगामाथेप्सितां दिशम्

पूरा अध्याय