ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 136136.98महाभारत 136.98अथ वा पूर्ववैरं त्वं स्मरन्कालं विकर्षसि पश्य दुष्कृतकर्मत्वं व्यक्तमायुःक्षयो ममपिछलाअगलापूरा अध्याय