ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 136136.154महाभारत 136.154अद्यैव हि रिपुर्भूत्वा पुनरद्यैव सौहृदम् पुनश्च रिपुरद्यैव युक्तीनां पश्य चापलम्पिछलाअगलापूरा अध्याय