ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 136136.138महाभारत 136.138न विश्वसेदविश्वस्ते विश्वस्तेऽपि न विश्वसेत् विश्वासाद्भयमुत्पन्नं मूलान्यपि निकृन्ततिपिछलाअगलापूरा अध्याय