ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 124124.55महाभारत 124.55उषितास्मि सुखं वीर त्वयि सत्यपराक्रमे त्वया त्यक्ता गमिष्यामि बलं यत्र ततो ह्यहम्पिछलाअगलापूरा अध्याय