ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 122122.37महाभारत 122.37विष्णुरङ्गिरसे प्रादादङ्गिरा मुनिसत्तमः प्रादादिन्द्रमरीचिभ्यां मरीचिर्भृगवे ददौपिछलाअगलापूरा अध्याय