ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 121121.30महाभारत 121.30तीक्ष्णता मृदुता मृत्युरागमानागमौ तथा विराद्धिश्चैव राद्धिश्च कार्याकार्ये बलाबलेपिछलाअगलापूरा अध्याय