ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 117117.14महाभारत 117.14श्वशत्रुर्भगवन्नत्र द्वीपी मां हन्तुमिच्छति त्वत्प्रसादाद्भयं न स्यात्तस्मान्मम महामुनेपिछलाअगलापूरा अध्याय