Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 112.9

वसन्पितृवने रौद्रे शौचं लप्सितुमिच्छसि
इयं विप्रतिपत्तिस्ते यदा त्वं पिशिताशनः

पूरा अध्याय