ग्रंथमहाभारतशान्तिपर्वअध्याय 108108.11महाभारत 108.11लोभमेको हि वृणुते ततोऽमर्षमनन्तरम् तौ क्षयव्ययसंयुक्तावन्योन्यजनिताश्रयौपिछलाअगलापूरा अध्याय