Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 14.17

केशपक्षपरामर्शे द्रौपद्या द्यूतकारिते
क्रोधाद्यदब्रुवं चाहं तच्च मे हृदि वर्तते

पूरा अध्याय