ग्रंथमहाभारतसौप्तिकपर्वअध्याय 55.37महाभारत 5.37ते प्रयाता व्यरोचन्त परानभिमुखास्त्रयः हूयमाना यथा यज्ञे समिद्धा हव्यवाहनाःपिछलाअगलापूरा अध्याय