ग्रंथमहाभारतसौप्तिकपर्वअध्याय 1212.12महाभारत 12.12स कदाचित्समुद्रान्ते वसन्द्रारवतीमनु एक एकं समागम्य मामुवाच हसन्निवपिछलाअगलापूरा अध्याय